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    इक बार कहो तुम मेरी हो

    हम घूम चुके बस्ती बन में इक आस की फाँस लिए मन में कोई साजन हो कोई प्यारा हो कोई दीपक हो, कोई तारा हो जब जीवन रात अँधेरी हो इक बार कहो तुम मेरी हो जब सावन बादल छाए हों जब फागुन फूल खिलाए हों जब...

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    ग़ज़ल: हैं नहीं आँसू तलक भी अब मुक़द्दर में मिरे

    हैं नहीं आँसू तलक भी अब मुक़द्दर में मिरे, ख़ूबियाँ कैसी हैं देखो तो सितमगर में मिरे। था न-जाने कब से इक कतरा लहू का आँख में, आज टपका तो दिखा क्या था तसव्वुर में मिरे। तीर रहने दो जिगर में क्यों निकालें...

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    देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं, रस्ते सभी हैं एक से तो क्या ही करूँ मैं। मुझको मिला है एक सफ़र में नया रहबर, दिखला रहा रस्ता कि जिसे पा न सकूँ मै […]

    देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं

    देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं, रस्ते सभी हैं एक से तो क्या ही करूँ मैं। मुझको मिला है एक सफ़र में नया रहबर, दिखला रहा रस्ता कि जिसे पा न सकूँ मैं। पिन्दार मिरे और बड़ा, और बड़ा हो, तुझको ही...

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    Kalamkash wrote a new post

    थकन मुझको याद है, ये सौंधी-सौंधी ख़ुश्बू, दरख़्तों की ये छाँव, ये बारिश के पछाटे, ये झूमती गाती फ़सलें, ये टूटे से वीराने, और छोटी सी ये जन्नत, जिसमें […]

    थकन

    मुझको याद है, ये सौंधी-सौंधी ख़ुश्बू, दरख़्तों की ये छाँव, ये बारिश के पछाटे, ये झूमती गाती फ़सलें, ये टूटे से वीराने, और छोटी सी ये जन्नत, जिसमें रहती थी वो बुढ़िया, कि, जिसके हाथों को छू लूँ, तो आता था वो हौसला मुझे, की इक...

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  • अगर तुम दिल हमारा ले के पछताए तो रहने दो अगर तुम दिल हमारा ले के पछताए तो रहने दो, न काम आए तो वापस दो जो काम आए तो रहने दो। मिरा रहना तुम्हारे दर पे लोगों को खटकता है, अगर कह दो तो उठ ज […]

    अगर तुम दिल हमारा ले के पछताए तो रहने दो

    https://youtu.be/RrQIokJAEbI अगर तुम दिल हमारा ले के पछताए तो रहने दो, न काम आए तो वापस दो जो काम आए तो रहने दो। मिरा रहना तुम्हारे दर पे लोगों को खटकता है, अगर कह दो तो उठ जाऊँ जो रहम आए तो रहने...

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