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इक बार कहो तुम मेरी हो
From the great pens

इक बार कहो तुम मेरी हो

'इक बार कहो तुम मेरी हो' इब्न-ए-इंशा द्वारा रचित एक बेहद खूबसूरत नज़्म है। जिसे क़लमकश अर्थात् मैंने आवाज़ देकर...
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भजन
Kavitayein My Words

भजन

तन-मन एक हुए सब ही अब, कृष्ण तुम्हें भजते भजते। सजल विलोचन आज हुए सब, कृष्ण तुम्हें भजते भजते।।
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ग़ज़ल: हैं नहीं आँसू तलक भी अब मुक़द्दर में मिरे
Ghazalein My Words

ग़ज़ल: हैं नहीं आँसू तलक भी अब मुक़द्दर में मिरे

हैं नहीं आँसू तलक भी अब मुक़द्दर में मिरे, ख़ूबियाँ कैसी हैं देखो तो सितमगर में मिरे। था न-जाने कब...
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गुलज़ार: कहीं तो गर्द उड़े या कहीं ग़ुबार दिखे
From the great pens

गुलज़ार: कहीं तो गर्द उड़े या कहीं ग़ुबार दिखे

कहीं तो गर्द उड़े या कहीं ग़ुबार दिखे, कहीं से आता हुआ कोई शहसवार दिखे। ख़फ़ा थी शाख़ से शायद...
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फ़ैज़ अहमद फ़ैज़: कोई आशिक़ किसी महबूबा से
From the great pens

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़: कोई आशिक़ किसी महबूबा से

याद की राहगुज़र जिस पे इसी सूरत से मुद्दतें बीत गई हैं तुम्हें चलते चलते ख़त्म हो जाए जो दो...
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अज्ञेय: मन बहुत सोचता है कि उदास न हो
From the great pens

अज्ञेय: मन बहुत सोचता है कि उदास न हो

मन बहुत सोचता है कि उदास न हो पर उदासी के बिना रहा कैसे जाए? शहर के दूर के तनाव...
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देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं
Ghazalein My Words

देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं

देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं, रस्ते सभी हैं एक से तो क्या ही करूँ मैं। मुझको मिला...
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थकन
My Words Nazmein

थकन

मुझको याद है, ये सौंधी-सौंधी ख़ुश्बू, दरख़्तों की ये छाँव, ये बारिश के पछाटे, ये झूमती गाती फ़सलें, ये टूटे...
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अगर तुम दिल हमारा ले के पछताए तो रहने दो
From the great pens

अगर तुम दिल हमारा ले के पछताए तो रहने दो

https://youtu.be/RrQIokJAEbI अगर तुम दिल हमारा ले के पछताए तो रहने दो, न काम आए तो वापस दो जो काम आए...
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अपूर्ण
Kavitayein My Words

अपूर्ण

मैं इसी विचार में निमग्न सोचती रही, कि, बोल दूँ दबी हुई, पुकार लूँ तुम्हें अभी। किंतु ये न हो...
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निर्झर
From the great pens

निर्झर

शत-शत बाधा-बंधन तोड़, निकल चला मैं पत्थर फोड़। प्लावित कर पृथ्वी के पर्त्त, समतल कर बहु गह्वर गर्त्त, दिखला कर...
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तेरा नाम नहीं
From the great pens

तेरा नाम नहीं

तेरे पैरों चला नहीं जो धूप छाँव में ढला नहीं जो वह तेरा सच कैसे, जिस पर तेरा नाम नहीं?
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मिरे दिल की राख कुरेद मत
From the great pens

मिरे दिल की राख कुरेद मत

मिरे दिल की राख कुरेद मत इसे मुस्कुरा के हवा न दे ये चराग़ फिर भी चराग़ है कहीं तेरा...
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इन आँखों में रौशन रौशन कोई ख्वाब झलकता है
Ghazalein My Words

इन आँखों में रौशन रौशन कोई ख्वाब झलकता है

इन आँखों में रौशन रौशन कोई ख्वाब झलकता है,इन बातों में देखो जैसे कोई राज़ खटकता है।
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हर दम के साथ लबों से इक आह निकलती है
Ghazalein My Words

हर दम के साथ लबों से इक आह निकलती है

हर दम के साथ लबों से इक आह निकलती है, आँखें नम कैसे हैं, सासें क्यों जलती हैं। करता हूँ...
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ऐ शहनशाह-ए-आस्माँ औरंग
From the great pens

ऐ शहनशाह-ए-आस्माँ औरंग

ये क़िता "ऐ शहनशाह-ए-आस्माँ औरंग" आपने गुलज़ार साहब द्वारा रचित TV show या उनकी किताब “मिर्ज़ा ग़ालिब” में ज़रूर पढ़ा...
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बे-साख्ता
My Words Nazmein

बे-साख्ता

ऐसा कोई आलम, कोई ऐसा जहाँ होता कभी, ना बंदिशे, ना रंजिशें, ना कश्मकश, ना ही ख़लिश, मैं सोचता हूँ...
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पीता नहीं मगर मुझे आदत अजीब है
Ghazalein My Words

पीता नहीं मगर मुझे आदत अजीब है

पीता नहीं मगर मुझे आदत अजीब है, कहता हूँ मैं जहाँ से मुहब्बत अजीब है।  जो रोग दिल को है...
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ग़ज़ल- जानिब-ए-’अदम को मैं बढ़ चला जहाँ को छोड़
Ghazalein My Words

ग़ज़ल- जानिब-ए-’अदम को मैं बढ़ चला जहाँ को छोड़

जानिब-ए-’अदम को मैं बढ़ चला जहाँ को छोड़, और सोचता हूँ मैं हूँ कहाँ जहाँ को छोड़। जो गुजरने वाले...
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परिंदे
My Words Nazmein

परिंदे

परिंदे उड़ा नहीं करते आज-कल, यूँ ही घोंसलों में मुन्तज़िर बैठे रहते हैं, तकते रहते हैं इक राह, कि कब,...
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