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    तुम चले गए तो चले गए

    तुम चले गए तो चले गए, अब कोई दूजा जन्म नहीं, अब कोई दूजा रूप नहीं, अब कोई दूजा धर्म नहीं ।रह गयी हर बात यहीं, हर ऊँची-नींची जात यहीं, हर पुण्य यहीं, हर पाप यहीं, हर दुःख, पीड़ा,...

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    यह देश बीमार है

    आज सुबह अख़बार पढ़ते-पढ़ते मैंने गौर किया कि इस देश का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, और उससे भी बुरी बात यह जानी कि इसे इस बारे में मालूम भी नहीं है। यह देश सोचता है कि मैं शारीरिक, मानसिक...

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  • इक बार कहो तुम मेरी हो

    हम घूम चुके बस्ती बन में इक आस की फाँस लिए मन में कोई साजन हो कोई प्यारा हो कोई दीपक हो, कोई तारा हो जब जीवन रात अँधेरी हो इक बार कहो तुम मेरी हो जब सावन बादल छाए हों जब फागुन फूल खिलाए हों जब...

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    ग़ज़ल: हैं नहीं आँसू तलक भी अब मुक़द्दर में मिरे

    हैं नहीं आँसू तलक भी अब मुक़द्दर में मिरे, ख़ूबियाँ कैसी हैं देखो तो सितमगर में मिरे। था न-जाने कब से इक कतरा लहू का आँख में, आज टपका तो दिखा क्या था तसव्वुर में मिरे। तीर रहने दो जिगर में क्यों निकालें...

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    देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं, रस्ते सभी हैं एक से तो क्या ही करूँ मैं। मुझको मिला है एक सफ़र में नया रहबर, दिखला रहा रस्ता कि जिसे पा न सकूँ मै […]

    देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं

    देखूँ किसी भी ओर उसी ओर चलूँ मैं, रस्ते सभी हैं एक से तो क्या ही करूँ मैं। मुझको मिला है एक सफ़र में नया रहबर, दिखला रहा रस्ता कि जिसे पा न सकूँ मैं। पिन्दार मिरे और बड़ा, और बड़ा हो, तुझको ही...

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