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इन आँखों में रौशन रौशन कोई ख्वाब झलकता है
इन आँखों में रौशन रौशन कोई ख्वाब झलकता है, इन बातों में देखो जैसे कोई राज़ खटकता है। लहजे में एक जुस्तुजू, सीने में बेचैनी सी है, मेरा ग़म तो मेरा ह […] -
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पीता नहीं मगर मुझे आदत अजीब है
पीता नहीं मगर मुझे आदत अजीब है, कहता हूँ मैं जहाँ से मुहब्बत अजीब है। जो रोग दिल को है लगा उसकी कहूँ मैं क्या, मैं क्या कहूँ ये दिल भी न हज़रत अजीब […] - Load More Posts










