इक बार कहो तुम मेरी हो
‘इक बार कहो तुम मेरी हो’ इब्न-ए-इंशा द्वारा रचित एक बेहद खूबसूरत नज़्म है। जिसे क़लमकश अर्थात् मैंने आवाज़ देकर आज आपके समक्ष रखा है।
‘इक बार कहो तुम मेरी हो’ इब्न-ए-इंशा द्वारा रचित एक बेहद खूबसूरत नज़्म है। जिसे क़लमकश अर्थात् मैंने आवाज़ देकर आज आपके समक्ष रखा है।